12th के रिजल्ट आने के बाद छात्रों के सामने क्या कोर्स चुने यह एक सबसे बड़ी समस्या रहती है | 12th commerce ke baad kya kare यह एक ऐसा सवाल है जो हर कॉमर्स स्टूडेंट के सामने आता है| लेकिन स्टूडेंट्स के सामने कई विकल्प होने के कारण वह सही डिसीजन नहीं ले पाते है| कॉमर्स के छात्रों के सामने यही समस्या होती है, की उनके लिए कोनसा कोर्स चुनना सही रहेगा | यह एक ऐसा समय होता है, जब आपको पहली बार एक बड़ा और सही निर्णय लेना होता है| इस समय अगर आप किसी के गलत मार्गदर्शन से गलत निर्णय चुन लेते है, तो इसका पछतावा आपको पूरी जिंदगी रहता है |
यह एक ऐसा समय होता है, जब आपके दोस्त आपके रिश्तेदार सभी आपको अपने अपने अनुसार सलाह देने लगते है | लेकिन यह आपके जीवन से जुड़ा फैसला है इसलिए इसका निर्णय स्वयं करे | किसी भी कोर्स को चुनने से यह अच्छे से सोच ले की आपको क्या बनना है, और उसे पाने के लिए आप कितनी मेहनत कर सकते है |
अगर आप भी सोच रहे हैं कि 12th Commerce ke Baad Kya Kare in 2026, तो आपके पास कई बेहतरीन career options उपलब्ध हैं जैसे CA, CMA, CS, ACCA, B.Com, BBA और MBA। सही course का चयन आपके interest, budget, career goals और future salary potential पर निर्भर करता है। इस लेख में हम 2026 के सबसे अच्छे courses after 12th Commerce, उनकी duration, eligibility, salary और scope की पूरी जानकारी देंगे।

चार्टेड अकॉउंटेन्सी
अगर आप कॉमर्स के छात्र है तो आप जरूर सोचते होंगे की 12th के बाद क्या करें (12th commerce ke baad kya kare) | 12th पास करने के बाद चार्टेड अकॉउंटेन्सी कोर्स एक बहुत ही अच्छा विकल्प है | यह एक बहुत ही प्रतिष्ठित कोर्स है जिसे पूरा करने के बाद आपके सामने कैरियर के बेहतरीन अवसर खुल जाते है | साथ ही चार्टेड अकाउंटेंट बन जाने के बाद आपको समाज में भी प्रतिस्ठा मिलती है |
पुरे देश में CA कोर्स करने के लिए एक ही नियामक संस्था है जो की CA कोर्स की परीक्षा तिथि निर्धारित करने , कोर्स सिलेबस डिसाइड करने और Ca कोर्स से जुड़े सभी नियम बनाए के लिए अधिकृत है | और केवल कॉमर्स ही नहीं बल्कि साइंस और आर्ट्स के छात्र भी CA कोर्स कर सकते है | CA कोर्स के लिए पात्र होने के लिए 12th बोर्ड रिजल्ट में कॉमर्स के विद्यार्थियों को 55 % अंक तथा अन्य स्ट्रीम के छात्रों को 60 % अंक प्राप्त करने होंगे। अगर आप CA कोर्स की आगे की पूरी जानकारी पाना चाहते है तो इस लिंक पर क्लीक करें – CA kaise bane |
तुलना करें : CA vs CMA
क्यों चुने 12th पास छात्र CA कोर्स को
- सस्ता कोर्स – CA कोर्स अन्य किसी भी कोर्स की तुलना में सस्ता कोर्स है और इसे करने के लिए किसी भी अन्य कोर्स की तुलना में कम खर्चा होता है |
- अच्छी कमाई – छात्रों के लिए CA करने के बाद कैरियर के कई विकल्प खुल जाते है | और औसतन रूप से CA कोर्स पूरा करने के बाद 8 से 15 लाख रूपये एक फ्रेशर CA के रूप में आप कमा सकते है | और अगर आपने CA में अच्छी रैंक बनाई है तब आप आपको कम्पनी 25 लाख रूपये तक भी जॉब ऑफर करती है | इसके अलावा अगर आप स्वतंत्र रूप से प्रेक्टिस करते है तो ऐसे में आपके पास कमाई के अवसर भी बढ़ जाते है| ऐसे में आप अपनी काबिलियत के अनुसार जितना अधिक चाहे उतना कमा सकते है |
- सम्मानजनक पद – चार्टेड अकाउंटेंट को समाज में बहुत ही सम्मान और प्रतिस्ठा मिलती है और केवल वे ही एकमात्र व्यक्ति है जो की अधिकृत है वित्तीय लेखों जोखों को ऑडिट कर सकते है | किसी भी कम्पनी का वित्तीय विवरण तब तक कम्पनी की AGM में अनुमोदित नहीं हो सकता जब तक की चार्टेड अकाउंटेंट पर हस्ताक्षर ना कर दें |
- बढ़ते अवसर – पिछले कुछ सालों में टेक्सेशन में आये रिफॉर्म जैसे की GST के आने से चार्टेड अकाउंटेंट की मांग काफी बढ़ी है | GST, Income Tax, Audit, Compliance, Corporate Finance और Business Advisory के बढ़ते कार्यों के कारण 2026 में Chartered Accountants की demand भारत और विदेश दोनों में लगातार बढ़ रही है।
- कोई आरक्षण नहीं – इस कोर्स की सबसे खास बात ये है की इसमें किसी भी तरह का कोई रिजर्वेशन नहीं है | यहाँ पर छात्र सिर्फ और सिर्फ अपने दम पर चार्टेड अकाउंटेंट बन सकते है ना की किसी जातिगत या अन्य किसी आरक्षण के दम पर |
- विशेषज्ञ जानकर – चार्टेड अकाउंटेंट अपने क्षेत्र के बहुत ही जानकार व्यक्ति होते है | वे फाइनेंस, टैक्स, वित्तीय खाते और व्यावसायिक कानून के बहुत ही अच्छे जानकर होते है |
- स्नातक (Graduation) और Post Graduation (परास्नातक) के बराबर मान्यता – जिन छात्रों ने CA इंटरमीडिएट कर लिए है उन्हें graduation( स्नातक) और जिन छात्रों ने CA फाइनल को पास कर लिया है उनकी डिग्री को पोस्ट ग्रेजुएशन के समकक्ष माना जाता है |
CA के दौरान आने वाली परेशानियां
- कठिन कोर्स – CA कोर्स को बहुत ही कठिन बनाया गया है | CA कोर्स के पैटर्न को इस तरह तैयार किया गया है की इसे केवल वे ही छात्र पास कर सकते है जो CA बनने को लेकर पूरी तरह समर्पित हो| और इसके लिए लगातार कठिन मेहनत कर सके वे ही छात्र आगे चलकर चार्टेड अकाउंटेंट बन सकते है |
- कोर्स की लम्बी अवधि – CA कोर्स में 3 लेवल की परीक्षा होती है और इसके अलावा 3 साल की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग और होती है| यदि छात्र सभी परीक्षाएँ समय पर पास कर ले, तो CA Course लगभग 4.5 से 5 वर्ष में पूरा किया जा सकता है। लेकिन अगर आप इसे एक प्रयास में पास नहीं कर पाते है तो हर असफल प्रयास के कारन आपके कोर्स की अवधि 6 महीने और बढ़ जाती है |
- समय समायोजन ( Time Management) – हर परीक्षा के लिए टाइम मैनेजमेंट की तो जरुरत होती ही है साथ ही इसके अलावा सबसे अधिक टाइम मैनेजमेंट की जरुरत होती है आर्टिकलशिप के दौरान | इस दौरान ऑफिस के साथ ही आपको पढाई करनी होती है| इसलिए इस समय छात्रों को टाइम मैनेजमेंट की जरुरत होती है |

कम्पनी सेक्रेटरी
12th के बाद कॉमर्स के छात्रों के लिए CS कोर्स यानि की कम्पनी सेक्रेटरी कोर्स एक बहुत ही अच्छा विकल्प है| अगर आप सोच रहे है की कॉमर्स से12th करने के बाद क्या करें तो CS कोर्स आपके लिए एक बहुत अच्छा ऑप्शन है| यह कोर्स भी एक बहुत ही प्रतिष्ठित कोर्स है | किसी भी कम्पनी को चलाने में कंपनी सेक्रेटरी का बहुत ही इम्पोर्टेन्ट रोल होता है | लेकिन पिछले कुछ सालों में CS कोर्स की वैल्यू में कमी आयी है क्यूंकि एक प्रशिक्षित चार्टेड अकाउंटेंट कम्पनी सेक्रेटरी का काम भी अच्छे से संभाल लेता है |
CS कोर्स करने के फायदे
- क़ानूनी विषेशज्ञता – एक कम्पनी सेक्रेटरी को कम्पनी की किसी भी स्थिति के बारे में अन्य किसी की तुलना में अधिक जानकारी होती है | और कम्पनी लॉ के अच्छे जानकार होने के कारण वे कम्पनी को किसी भी अन्य की तुलना में ज्यादा अच्छे से संभाल सकते है |
- कम फीस – 12th पास करने के बाद कॉमर्स छात्रों के लिए यह एक बहुत ही अच्छा विकल्प है | एक प्रतिष्ठित कोर्स होने के साथ ही यह अन्य कोर्सेज की तुलना में सस्ता है | और अगर CA कोर्स से भी तुलना की जाये तो यह उससे भी सस्ता है |
- आरक्षण नहीं – CA कोर्स की तरह ही CS कोर्स में भी किसी तरह का कोई आरक्षण का प्रावधान नहीं है | इसमें आप अपनी योग्यता और मेहनत से ही प्रवेश पाते है और सफल होते है | इसमें किसी भी तरह के जातिगत या अन्य किसी भी तरह के आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गयी है |
CS कोर्स में आने वाली परेशानियां
- घटते अवसर – पिछले कुछ वर्षो में CS कोर्स में अवसरों की काफी कमी आयी है | क्युकी आज के समय एक अनुभवी चार्टेड अकाउंटेंट CS के काम को अच्छे से सभाल लेता है जिसकी वजह से आज के समय CS कोर्स की वेल्यू तेजी से कम होती जा रही है |
- लम्बी अवधि – अगर CS कोर्स की अवधि के बारे में बात करें तो इसे पास करने में B.com की तुलना में अधिक समय लगता है |
- कम सैलेरी – इस कोर्स की अवधि तो लम्बी है ही साथ ही इसे पास करने में कड़ी मेहनत के साथ पढाई करनी होती है | लेकिन इतने अथक प्रयास के बाद भी इस CS में शुरुआती पॅकेज केवल 3 से 5 लाख के बीच में मिलता है |

बैचलर ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन ( BBA )
एक समय ऐसा था जब BBA कोर्स की सबसे अधिक डिमांड थी | लेकिन BBA कोर्स की वेल्यू तभी तक ही है जब की आप इसे पूरा करने के बाद इसकी मास्टर्स डिग्री MBA को भी पूरा करते है | लेकिन MBA कोर्स आप ग्रेजु एशन पूरा करने के बाद भी कर सकते है | एक MBA प्रोफेसनल कम्पनी के मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार होता है | अक्सर कम्पनी के CEO के रूप में एक MBA प्रोफेशनल काम करता है लेकिन उसने MBA की डिग्री किसी अच्छे और प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट से हासिल की हुई होनी चाहिए |
BBA और MBA करने के फायदे
- अच्छा पॅकेज – 12th पास करने और अच्छे इंस्टीट्यूट से BBA और MBA करने के बाद अन्य किसी भी कोर्स की तुलना में अच्छा सैलेरी पैकेज मिलता है | और अगर आपने MBA कोर्स आईआईएम से किया है तो आपका सैलेरी पैकेज और बढ़ जाता है |
- आत्मविश्वास बढ़ता है – MBA करने के बाद आपको कम्पनी में अलग अलग डिपार्टमेंट में मनेजमेंट सभालना पड़ता है | इससे आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होती है | शुरू शुरू में आपके सामने जरूर समस्या आती है लेकिन समय समय पर कम्पनी में आने वाली समस्याओं को सॉल्व करते हुए आप धीरे धीरे उन्हें सभालना सिख जाते है |
- प्रतिष्ठित पद – किसी भी कम्पनी का मनेजमेंट सभालना एक बहुत ही महत्वपूर्ण काम है और इसलिए कम्पनी में MBA प्रोफेसनल की जरुरत होती है | और कम्पनी के सबसे ऊँचे और महत्वपूर्ण पद जैसे की CEO भी एक MBA प्रोफेसनल होते है |
BBA और MBA के दौरान आने वाली परेशानियां
- महंगी फीस – किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की तुलना में BBA और MBA की फीस बहुत अधिक होती है | एक मध्यम श्रेणी परिवार अपने बच्चों को MBA जैसा महंगा कोर्स अच्छे MBA इंस्टीट्यूट जैसे IIM कराने में असमर्थ होता है | लेकिन अगर आपने CAT के एग्जाम में अच्छे नंबर हासिल किये है तो आपको स्कोलरशिप भी मिलती है |
- लम्बी समय अवधि – अगर आप MBA करना चाहते है तो वह आप ग्रेजुएशन के बाद ही कर सकते है | ग्रेजुएशन के बाद MBA के लिए एंट्रेंस टेस्ट देना होता है और अगर आप इसमें पास हो जाते है तो फिर इसे पूरा करने में 2 साल का समय लगता है | इस तरह इस कोर्स को पूर्ण करने में 5 साल का लम्बा समय लगता है |
- कम पैकेज – वैसे तो MBA करने के बाद अच्छा पैकेज मिलता है लेकिन वह तभी है जबकि आप किसी अच्छे संसथान से MBA की डिग्री हासिल करते है | वर्ना इस समय ऐसे बहुत सारे MBA प्रोफेशनल भी है जो बेरोजगार बैठे है |
- रहने के, खाने के, और अन्य खर्चे – अधिकांश अच्छे MBA कॉलेज बड़े और विकसित शहरों में स्थित है | यही वजह है की जब छोटे शहरों से स्टूडेंट इन शहरो में MBA कोर्स के लिए जाते है तो उनका रहने खाने और अन्य खर्चे बहुत महंगे होते है | जो की छात्रों और उनके परिवार वालों के लिए बहुत ही महंगे साबित होते है |

कॉमर्स से ग्रेजुएशन
12th के बाद जो सबसे प्रचलित डिग्री है वो है B.com आप 12th के बाद B.com में प्रवेश ले सकते हो लेकिन इस डिग्री के बाद आपको जॉब मिल जाएगी इसकी कोई निश्चितता नहीं है | क्युकी कोई जॉब ऑपर्चुनिटी नहीं होने के कारन फिर छात्रों के मन में सवाल आता है की bcom ke baad kya kare | अगर आप B.com को 1st डिवीजन से पास करते है, तो आप बैंक आदि की परीक्षाओ में आप जॉब के लिए आवेदन कर सकते है | अगर आप कोई प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठते है, तो B.com करने के बाद आप चाहे तो एक अकाउंटेंट या ऑफिस सहायक के रूप में काम कर सकते है |
बी.कॉम करने के फायदे
- आपको सभी विषयो की अच्छी समझ – 12th के बाद बी.कॉम करने से आपको अकाउंट, इकोनॉमिक्स, फाइनेंस और कॉस्ट अकॉउंटिंग जैसे विषयो पर अध्ययन करने से आप गहराई से समझ पाते है |
- बहुत सी सरकारी नौकरी के लिए आवेदन- B.com करने के बाद आप कई तरह की सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए योग्य हो जाते है| और आप इनमें आवेदन कर सकते है |
- CA/CS में बिना प्रवेश परीक्षा के प्रवेश – B.com करने के बाद आप CA/CS में सीधे प्रवेश पा सकते है | इसके लिए आपको फाउंडेशन प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होगी | आप सीधे ही इंटरमीडिएट के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते है |
आगे पढ़े: बी.कॉम के बाद के कोर्सेज
B.com के बाद आने वाली परेशानियां
- जॉब की अनिश्चितता – B.com एक साधारण डिग्री कोर्स है और इसे पूरा करने के बाद आप अगर कोई प्रोफेशनल कोर्स करते है तभी किसी अच्छी नौकरी के योग्य हो पाते है | B.com करने के बाद आप केवल कही अकाउंटेंट या ऑफिस में सहायक के रूप में काम कर सकते है |
- कम सैलेरी – पहली बात तो केवल B.com करने से कोई अच्छी नौकरी मिलना मुश्किल है और अगर मिलती है तो कोई साधारण नौकरी जिसके लिए आपको केवल 10 से 15 हजार रूपये ही मिल पाते है |
- रिवाज – 12th पास करने के बाद B.com करना एक रिवाज बन गया है | अगर स्टूडेंट किसी प्रोफेसनल कोर्स को नहीं करता है तो अंत में वह 12th के बाद B.COM कर लेता है |
अंग्रेजी में सभी स्ट्रीम्स के कक्षा 12 वी के बाद के कोर्सेज पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें
हम उम्मीद करते है 12th commerce ke baad kya kare जैसे सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे | आज जो जानकारी हमने आपको दी है वह आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगी| इस पुरे आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको पता चल गया होगा की B.COM करने के बाद आपके लिए कोनसा प्रोफेसनल कोर्स करना फायदेमंद रहेगा |
2026 में 12th Commerce के बाद सबसे अच्छे Courses
| CA | 4.5–5 वर्ष | ₹8–15 लाख प्रतिवर्ष |
| CMA | 3–4 वर्ष | ₹6–10 लाख प्रतिवर्ष |
| CS | 3–4 वर्ष | ₹6–12 लाख प्रतिवर्ष |
| ACCA | 2–4 वर्ष | ₹6–12 लाख प्रतिवर्ष |
| B.Com + MBA | 5 वर्ष | ₹4–15 लाख प्रतिवर्ष |
| BBA | 3 वर्ष | ₹4–10 लाख प्रतिवर्ष |
| B.Com | 3 वर्ष | ₹3–6 लाख प्रतिवर्ष |


